What is tester


 नमस्कार दोस्तों जो मैं यहां लिख रहा हूं वह वास्तव में बहुत छोटी सी चीज है लेकिन बहुत रोचक है!

प्रत्येक साधारण इंसान (जो बिजली का उपयोग करता है) वह यह जानता है कि टेस्टर क्या है और इसका उपयोग कैसे किया जाता है।ले किन अधिकांश लोग यह नहीं जानते हैं कि वास्तव में यह काम कैसे करता है?

हां मैं इसी की बात कर रहा हूं टेस्टर!

टेस्टर का उपयोग किसी विद्युत परिपथ में यह जांचने के लिए किया जाता है है कि वास्तव में उस परिपथ/आउटलेट में सप्लाई आ रही है या नहीं।

जब हम टेस्टर को सॉकेट के अंदर डालते हैं (टेस्टर के दूसरे छोर को अपने हाथों की किन्हीं एक उंगलियों से स्पर्श करते हुए) और सप्लाई को ऑन करते हैं और अगर वास्तव में सप्लाई आ रही होती है तो टेस्टर के अंदर का बल्ब जल जाता है।

क्या मैं सही हूं?ले

किन क्या आप यह जानते हैं कि जब आप ऐसा करते हैं तो विद्युत धारा आपके शरीर से होकर प्रवाहित होती है। इस प्रकार परिपथ पूरा होता है और बल्ब जलने लगता है।

अतः इलेक्ट्रॉन इस तरह से परिपथ को पूरा करते हैं

सॉकेट>टेस्टर>उंगली>हमारा शरीर>भूमि…!

इस तरह की विद्युत धाराओं को जो हमारे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती उन्हें 'let go current' कहते हैं (महिलाओं के लिए यह सामान्यतः 5 से 7 मिलीएंपीयर होता है और पुरुषों के लिए 7 से 9 मिलीएंपीयर होता है। यह प्रत्येक व्यक्ति के शरीर के अनुसार अलग अलग होता है।)

इसे ट्राई कीजिए

  1. किसी लकड़ी अथवा प्लास्टिक के कुर्सी पर खड़े हो जाइए
  2. टेस्टर को सॉकेट में डालिए, अपने हाथों की किन्हीं एक उंगलियों से पकड़ते हुए
  3. सप्लाई को ऑन कीजिए

अगर आप ऊपर के स्टेप्स को फॉलो करते हैं तो आप पाएंगे की टेस्टर के अंदर की लाइट अभी भी जल रही है लेकिन उसकी तीव्रता काफी कम है. इसका कारण यह है कि कुर्सी के कारण अब अतिरिक्त प्रतिरोध परिपथ में जुड़ गया है।

बस यही है!

ऊपर लिखे बातों को स्पष्ट करने के लिए में कुछ चित्र जोड़ रहा हूं।

यह चित्र जब मैं नंगे पांव खड़ा हूं।

और यह चित्र जब मैं कुर्सी पर खड़ा हूं आप अंतर देख सकते हैं.

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