सर्किट ब्रेकर क्या है ? कितने प्रकार के होते हैं
हैलो दोस्तो केसै हो आप आज हम बात करेगे कि सर्किट ब्रेकर क्या होता है और केसै काम करता है कितने प्रकार के होते है
दोस्तो हमारे कारखानो तथा उघोगशालाओं विधुत वितरण सब स्टेशन्स गिड स्टेशन्स विधुत उत्पादन केंन्द्रो आदि मे उच्च एपियसॆ मान विधुत धारा परिपथ को सामान्य प्रकार के डी, पी या टी, पी स्िवच से आॅन आॅफ नही किया जा सकता है इसका कारण यह है कि स्िवच को आॅन अथवा आॅफ करते समय उसके संयोजकों के बीच अत्यधिक स्पार्किग होने लगती है जिससे संयोजक पिगल जाते है और स्िवच को चलाने वाले व्यक्ित का जीवन संकट मे पड़ जाता है ओर काये के लिए विशेष प्रकार से निमित आॅन आॅफ स्िवच प्रयोग किये जाते है जो सर्किट ब्रेकर कहलाते है सर्किट ब्रेकर मे इस प्रकार कि व्यवस्था भी की जाती है कि वह परिपथ के अधिक ओवरलोड होने अथवा उसमे शाॅटॆ सर्किट ब्रेकर दोष पैदा हो जाने पर स्वतः ही आॅफ हो जाएगा
अति उच्च वोल्टता वाली लाइन्स को आॅन आॅफ करने वाले सर्किट ब्रेकर को किसी सहायक मोटर आदि से ही प्रचालित किया जाता है किसी वैधुतिक लाइन को आॅन आॅफ करने तथा लाइन की ओवरलोड शाॅटे सर्किट अवस्था मे उसे स्वतः ही आॅफ कर देने वाली युक्ित सर्किट ब्रेकर कहलाती है
सर्किट ब्रेकर के प्रकार
सर्किट ब्रेकर अनेक आकार प्रकार के तथा 5 a से 250v से कई हजार एम्िपयर तथा 440 kv तक काये करने वाले होते है
1 एयर सर्किट ब्रेकर [ acb ]
इस प्रकार के सर्किट ब्रेकर 660V 160A तक की लाइन on of करने के लिए प्रयोग किए जाते है ये हाथ से चलाये जाते है और इनके संयोजक परिपथ को ON OF करने के लिए के वायु मे गति करते है इसलिए इन्है एयर सर्किट ब्रेकर कहते है ये डी पी या टी पी प्रकार के होते है जैसे ही लाइन की विधुत धारा का मान पूवे निधोरित मान से अधिक होने लगता है वैसे ही ये क्वाॅयल्स सर्किट ब्रेकर को स्वतः ही OF कर देती है
2 आॅयल सर्किट ब्रेकर[ OCB ]
इस प्रकार के सर्किट ब्रेकर 11KV 1200A तक की लाइन को ON OF करने के लिए प्रयोग किए जाते है ये हस्त चालित होते है परन्तु संयोजक परिपथ को ON OF करने के लिए अचालक तेल मे गति करते है यह तेल एक पात्र मे भरा होता है अचालक तेल स्पार्किग को दबाता है और संयोजको मे उत्पन्न हुए उष्मा को सोख लेता है हसे ON OF करने के लिए एक बड़ा हैण्िडल होता है
अथवा इसे एक बैटरी चालित डी सी मोटर के द्वारा प्रचलित किया जाता है
3 एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर [ ABCB ]
11KV से अधिक वोल्टेज पर काये करने वाले आॅयल सर्किट ब्रेकर मे यह दोष होता है कि अधिक वोल्टेज के कारण तेल का वाष्पीकरण होने लगता है इसलिए इनमे वाष्प को बाहर निकलने देने के लिए वैन्ट बनाने आवश्यक होते है 11KV से अधिक वोल्टेज की लाइन को ON OF करने के लिए एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर प्रयोग किया जाता है उच्च वायु दाब सर्किट ब्रेकर को प्रचलित करने के साथ स्पार्किग को नियन्ित्रत करती है जब यह सर्किट ब्रेकर आॅन अथवा आॅफ होता है तो विस्फोट की ध्वनि उत्पन होती है इसलिए इसका नाम एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर रखा गया
4 स्वचलित सर्किट ब्रेकर [ ACB ]
यह आॅयल सर्किट ब्रेकर का modifed रूप है प्रारम्भ मे तो इसे हस्तचालित हैण्िडल से ही आॅन किया जाता है इसमें एक विधुत धारा प्रचलित विधुत चुम्बक लगा हुआ होता है जैसे ही विधुत धारा का मान एक पुवे निधोरित मान से अधिक हो जाता है विधुत चुम्बक ओर सप्लाई परिपथ को आॅफ कर देता है यदि विधुत धारा का मान कुछ समय पश्चात् सामान्य हो जाता है तो विधुत चुम्बक का चुम्बकत्व निबेॆल पड़ जाता है और सप्लाई परिपथ स्वतः ही पुनः आॅन हो जाता है परन्तु सप्लाई परिपथ मे बार बार दोष पैदा होने कि अवस्था मे यह सर्किट ब्रेकर सप्लाई परिपथ को स्थायी रूप से आॅफ कर देता है तत्पश्चात् सप्लाई परिपथ का दोष दुर करके सर्किट ब्रेकर को हाथ से आॅन करना पड़ता है
5 मिनिएचर सर्किट ब्रेकर[ MCB ]
यह एक s.p.स्िवच की आकृति वाला लघु रूप सर्किट ब्रेकर होता है इसकी विशेषता यह है कि इसमे ओवरलोड अवस्था मे स्वतः ही आॅफ हो जाने की व्यवस्था होती है ओवरलोड स्िथति मे स्वतः आॅफ हो जाने की व्यवस्था होती है
दोस्तो ये सर्किट ब्रेकर 5A से 60A 230V क्षमता मे बनाये जाते है डी पी या टी पी तथा चार पोल प्रकार के MCB मे दो तीन चार s .p.m.c.b के स्िवचिंग लीवसे को एक साथ प्रचलित करने की व्यवस्था की जाती है MCB ऊपर को आॅन होता है mcb का मुख्य लाभ यह है की परिपथ के ओवरलोड होने पर यह स्वतः ही trip अथोत आॅफ हो जाती और ओवरलोड को दुर करके इसे पुनः आॅन किया जा सकता है परिपथ की सुरक्षा फ्युज के द्वारा भी की जा सकती है परन्तु फ्युज के जल जाने पर उसे परिवतित ही करना पड़ता है जबकि MCB मे ऐसा नही करना पड़ता
आजकल हमारे घरो तथा उघोगो मे अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है
6 अथेॆ लीकेज सर्किट ब्रेकर [ELCB]
MCB के द्वारा किसी उपकरण अथवा लाइन की ओवरलोड धारा से सुरक्षा की जा सकती है परन्तु अथेॆ मे धारा लीकेज अथवा अन्य अथेॆ दोष से नही धात्िवक खोलयुक्त वैद्युत उपकरणों यन्त्रों मशीनों आदि मे यदि सजीव चालक आंशिक रूप से धात्िवक खोल को स्पशेॆ करने लगे तो लीकेज धारा के कारण आपरेटर को गम्भीर विद्युत झटका लग सकता है ऐसी स्िथती मे सुरक्षा प्रदान करने वाली युक्ति ELCB कहलाती है यह केवल 100 मिली एम्िपयर लीकेज धारा पर ही प्रचालित हो सकती है उपकरण मे दोष अथवा लीकेज उपस्िथत होने पर ELCB लाइन को आॅफ कर उपकरण को विद्युत से अलग कर देती है







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