What is transformer ट्रांसफार्मर in Hindi
ट्रांसफार्मर क्या है ओर केसै काम करता क्यो उपयोग करते है
हैलो दोस्तो केसै हो आप आज हम बात करेगे कि ट्रांसफार्मर क्या होता है और केसै काम करता है
दोस्तो ट्रांसफार्मर एक ऐसी स्थैतिक युक्ित है जो विधुत ऊजौॆ को एक परिपथ से दुसरे परिपथ मे स्थानान्तरित करती है इसके साथ ही इस युक्ित के द्वारा वोल्टता का step down एवं step up सुगमता से किया जा सकता है यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह केवल ac धारा पर ही काये करती है dc धारा पर नही करती है
working pranciple transformer
ट्रांसफार्मर म्यूच्युअल इण्डक्टेंस के सिद्धांत पर कायेॆ करता है इण्डक्टेंस का अस्ितत्व केवल ए,सी परिपथ मे होता है ट्रांसफार्मर भी केवल ए.सी सप्लाई पर कायेॆ कर सकता है डी. सी पर नही
ट्रांसफार्मर कि संरचना >ट्रांसफार्मर मे दो प्रकार कि वाइण्िडग्स स्थापित कि जाती है
1 प्राइमरी (primary) जिस वाइण्िडग्स को वैघुत स्त्रोत से संयोजित किया जाता है वह प्राइमरी वाइण्िडग्स या प्राइमरी कहलाती है
3 सेक्ण्डरि (secondary) जिस वाइण्िडग्स को विघुत शक्ित का उपयोग करने वाली युक्ित से संयोजित किया जाता है वह सेकण्डरि वाइण्िडग्स या सेकण्डरि कहलाती
कायेॆ प्रणाली ( working procedure)
जब ट्रांसफार्मर कि प्राइमरी को ए.सी स्त्रोत से संयोजित कर दिया जाता है तो ए.सी विघुत धारा के प्रवाह से प्राइमरी के चारों ओर प्रत्यावतीॆ स्वभाव का चुम्बकिय क्षेत्र पैदा हो जाता है सेक्ण्डरि वाइण्िडग्स के चालक प्राइमरी द्वारा स्थापित चुम्बकिय क्षेत्र कि चुम्बकिय बल रेखाओं का छेदन करते है और फैराडे के विघुत चुम्बकिय प्रेरण सिद्धांत के अनुरूप उनमें वि,वा,ब पैदा हो जाता है क्योंकि प्राइमरी द्वारा स्थापित क्षेत्र प्रत्यावतीॆ स्वभाव का होता है इसलिए सेक्ण्डरि के चालक बिना कोई गति किए ही चुम्बकिय बल रेखाओं का छेदन करते है इस
प्रकार प्राइमरी तथा सेकण्डरी मे बिना किसी संयोजित अथवा स्पश्ऻ के ही विघुत ऊजौॆ प्राइमरी से सेकण्डरी मे स्थानान्तरित हो जाती है यह प्रकिया ट्रांसफार्मर किया कहलाती है
nots [ यदि ट्रांसफार्मर कि प्राइमरी वाइण्िडग्स को डी.सी से जोड़ दिया जाए तो
वाइण्िडग्स जल सकती है इसका कारण है
वाइण्िडग्स मे इन्डक्टेन्स तथा इन्डक्िटव रिएक्टेन्स कि अनुपस्िथति मे उसका प्रतिरोध बहुत कम होगा फलत करण्ट का मान उच्च होगा और वाइण्िडग्स जल जाएगी ]
use of transformers >
1 ट्रांसफार्मर को विशेष देखभाल व अनुरक्षण कि आवश्यकता नही होती है
2 यह अति उच्च वोल्टता पर सामान्य रूप से कायेॆ कर सकता है जबकि अन्य वैघुतिक मशीनें अति उच्च वोल्टेज [400kv ] पर सन्तोषजनक रूप से कायेॆ नही कर पाती है
3 ट्रांसफार्मर के उपयोग से वैघुत शक्ित के transmission and distribution कि कुल लागत डी सी प्रणाली की वैघुत शक्ित के transmission and distribution की लागत की अपेश्रा काफी कम होती है
ट्रांसफार्मर का वगीॆकरण > विधुत कायेॆ मे प्रयोग किए जाने वाले ट्रांसफार्मर कई प्रकार
के होते है
1 आउटपुट वोल्टता के आधार पर >
[ i ] उच्चायक ट्रांसफार्मर तथा
[ ii ] अपचायक ट्रांसफार्मर
2 कोर की संरचना के आधार पर >
[ i ] कोर प्रकार का ट्रांसफार्मर
[ ii ] शैल प्रकार का ट्रांसफार्मर
[ iii ] बैरी प्रकार का ट्रांसफार्मर
3 फेस की संख्या के आधार पर
[ i ] सिंगल -फेस ट्रांसफार्मर तथा
[ ii ] 3 फेस ट्रांसफार्मर
4 शीतलन प्रणाली के आधार पर
[ i ] प्राकूतिक रूप से शीतलित ट्रांसफार्मर
[ ii ] तेल द्वारा शीतलित ट्रांसफार्मर
[ iii ] जल द्वारा शीतलित ट्रांसफार्मर तथा
[ iii ] वायु दाब द्वारा शीतलित ट्रांसफार्मर
5 आउटपुट क्षमता के आधार पर
[ i ] आॅटो ट्रांसफार्मर
[ ii ] करण्ट ट्रांसफार्मर तथा पोटैन्िशयन ट्रांसफार्मर
6 व्यापारिक आधार पर
[ i ] पाॅवर ट्रांसफार्मर तथा
[ ii ] डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर
7 स्थापना स्थल के आधार पर
[ i ] इण्डोर ट्रांसफार्मर
[ ii ] आउटडोर ट्रांसफार्मर


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