मोटर में स्टार्टर का उपयोग क्यों करते हैं
दोस्तों इस पोस्ट में हम जानेंगे कि मोटर स्टार्टर (motor Starter) क्या होती हैं कितने प्रकार के होते हैं कैसे काम करते है इसके अलावा इस पोस्ट में हम मोटर स्टार्टर (motor Starter) से जुड़े और भी कुछ महत्वपूर्ण सवालों के ऊपर बात करेंगे
[ 1 ]Reverse Forward Starter (रिवर्स फॉरवर्ड स्टार्टर)
[ 2 ] Star Delta Starter (स्टार डेल्टा स्टार्टर)
[ 3 ] What is D O L Starter डीओएल स्टार्टर क्या है?
[ 1 ]DOL मोटर स्टार्टर का पूरा नाम direct online starter होता है यह सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला स्टार्टर है
डीओएल स्टार्टर 5/10 HP के नीचे साइज की मोटर पर उपयोग किया जाता है यह स्टार्टर की वायरिंग काफी आसान होती है सस्ता भी होता है
what is motor starter in hindi
dol स्टार्टर वर्किंग- इसकी वर्किंग काफी आसान होती है इसमे हम एक कॉन्टैक्टर एक ओवरलोड रिले ओर स्टार्ट स्टॉप के पुश बटन का उपयोग करके मोटर को स्टार्ट करते है
[ 2 ] What is Reverse Forward Starter?
रिवर्स फॉरवर्ड स्टार्टर क्या होता है
Reverse Forward Starter यह स्टार्टर भी एक तरह से डीओएल स्टार्टर ही होता है पर जहा पर हमको मोटर को दो डायरेक्शन(दिशा) मे घुमाने की जरूरत होती है वहाँ पर हम रिवर्स फॉरवर्ड स्टार्टर लगाते है
forward reverse motor starter
रिवर्स फॉरवर्ड स्टार्टर वर्किंग जैसे मैने आपको बताया की यह डीओएल स्टार्टर की तरह ही होता है बस अंतर यही है की इसमे हम दो कॉन्टैक्टर का उपयोग करते है और 3 पुश बटन का प्रयोग करते हैं
पहला कॉन्टैक्टर मोटर को सीधी दिशा में घुमाने के लिए दूसरा मोटर को उल्टी दिशा में घुमाने के लिए
यह स्टार्टर भी हम 10HP से कम की मोटर के लिए उपयोग करते है
[ 3 ] What is Star Delta Starter?
स्टार डेल्टा स्टार्टर क्या होता है
स्टार डेल्टा मोटर स्टार्टर काफी उपयोगी स्टार्टर है यह हमारी बड़ी मोटर मे उपयोग होने वाला स्टार्टर है 10 HP से बड़ी मोटर के लिए स्टार डेल्टा स्टार्टर लगाने की राय ही दी जाती है जिससे कि हमारे मोटर्स जले नहीं
why use star delta motor starter
स्टार डेल्टा स्टार्टर वर्किंग- यह स्टार्टर का मुख्य काम हमारी बड़ी मोटर को स्टार्टिंग के समय ज्यादा करंट लेने से रोकना होता है इस स्टार्टर मे तीन कॉन्टैक्टर लागए जाते है एक टाइमर दो पुश बटन लगाए जाते हैं
STAR Contactor
Delta Contactor
Main Contactor
मोटर स्टार्टिंग के समय पर ज्यादा करंट ना ले इसके लिए इस स्टार्टर में हम वायरिंग इस प्रकार करते है की पहले हमारे Main Contactor के साथ Star Contactor स्टार्ट हो जिसका काम मोटर को शुरुवात मे स्टार मे चलना होता है
इसके कुछ समय के बाद मे हम स्टार कॉन्टैक्टर को हटाकर डेल्टा कॉन्टैक्टर लगा देते हे और मोटर को डेल्टा मे चला दिया जाता है
स्टार डेल्टा स्टार्टर को बनाने के लिए हमे 3 कॉन्टैक्टर 1 ओवरलोड रिले 1 टाइमर ओर ऑन ऑफ करने के लिए पुश बटन की आवश्यकता होती है
दोस्तों आशा करता हूं की स्टार्टर (Starter) के सारे सवाल का जवाब मिल गया होगा
यदि फिर भी आपके मन में कोई सवाल हो या कोई confusion हो तो कमेंट करके जरूर बताये
दोस्तों यह जानकारी अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट करें लाइक करें शेयर करें और अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे






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